प्रोफ़ाइल
草間彌生(くさまやよい、1929年-)は長野県松本市出身の現代美術家。幼少期の強迫的幻視を芸術に昇華し、ニューヨーク前衛芸術の旗手として活躍。水玉模様と「無限の鏡の部屋」で知られ、現在も精神科病院隣接のアトリエで毎日創作を続ける、現存する最も影響力のある芸術家の一人。
यायोई कुसामा का जन्म 22 मार्च 1929 को जापान के नागानो प्रान्त के मात्सुमोतो शहर में हुआ था। बचपन से ही वे गंभीर जुनूनी-बाध्यकारी लक्षणों से पीड़ित थीं — उन्हें तीव्र दृश्य और श्रवण मतिभ्रम होते थे, जिनमें फूल उनसे बात करते लगते थे और चारों ओर बिंदुएं और जाल बेअंत फैलते नज़र आते थे। इन भयावह दृश्यों से निपटने के लिए उन्होंने जुनूनी तरीके से उन्हें कागज़ पर उतारना शुरू किया। कुसामा के लिए कला एक विकल्प नहीं, बल्कि जीवित रहने का तरीका था।
1957 में वे अकेले अमेरिका गईं और अंततः न्यूयॉर्क में बस गईं। अत्यंत कठिन परिस्थितियों में उन्होंने “इन्फिनिटी नेट” पेंटिंग श्रृंखला बनाई — विशाल कैनवस पर अंतहीन जुड़े हुए लूप — और अपने प्रतिष्ठित “इन्फिनिटी मिरर रूम” जैसे इमर्सिव इंस्टॉलेशन का आविष्कार किया। 1960 के दशक में उनके “हैपनिंग्स” में प्रतिभागियों के शरीर पर पोल्का डॉट्स चित्रित किए जाते थे, जिससे सामाजिक वर्जनाएं टूटीं और कला जगत हिल गया। उन्हें “अवांट-गार्द की रानी” कहा जाने लगा। 1973 में जापान लौटने के बाद 1977 से वे टोक्यो के एक मनोरोग चिकित्सालय में स्वेच्छा से रह रही हैं और प्रतिदिन पास के स्टूडियो में जाकर काम करती हैं।
1993 में कुसामा ने वेनिस बिएनाले में जापान का प्रतिनिधित्व किया, जिसने उनकी अंतर्राष्ट्रीय पुनर्स्थापना की शुरुआत की। टेट मॉडर्न (2012) और न्यूयॉर्क MoMA में बड़ी पूर्वव्यापी प्रदर्शनियां लगीं। उनके इन्फिनिटी मिरर रूम दुनिया के सर्वाधिक देखे जाने वाले कला इंस्टॉलेशनों में से हैं। 2017 में टोक्यो में यायोई कुसामा संग्रहालय खुला। नब्बे वर्ष से अधिक की आयु में वे आज भी प्रतिदिन काम करती हैं — आठ दशकों से अधिक की यह अनवरत सृजन यात्रा जारी है।